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  • राहुल और प्रियंका गांधी पर FIR: चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
  • आरोप: पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए बिना अनुमति आकाशवाणी भवन परिसर में प्रवेश किया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डाली।
  • कांग्रेस का पलटवार: कांग्रेस पार्टी ने इसे 'तानाशाही कार्रवाई' बताते हुए कहा कि निष्पक्ष चुनाव और वोटर लिस्ट की पारदर्शिता की मांग करने पर विपक्ष की आवाज को दबाया जा रहा है।

Published on October 08, 2026 | Verified via Delhi Police & National News Bureau

Breaking News: राहुल और प्रियंका गांधी पर दिल्ली में FIR, राजधानी की सियासत में भारी उबाल

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के खिलाफ चल रहा विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े कानूनी और राजनीतिक टकराव में बदल चुका है। नई दिल्ली में INDIA गठबंधन के विशाल प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।

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यह कार्रवाई उस समय हुई जब विपक्षी दलों के नेता और हजारों कार्यकर्ता चुनाव आयोग मुख्यालय (निर्वाचन सदन) और जंतर-मंतर के आसपास वोटर लिस्ट रिवीजन (SIR) में कथित धांधली को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, इस दौरान सरकारी संपत्ति में प्रवेश और कानून व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश की गई।

दिल्ली पुलिस की FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं?

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, संसद मार्ग थाने में दर्ज प्राथमिकी में कई गंभीर आरोप शामिल किए गए हैं:

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  • ड्यूटी में बाधा डालना: सुरक्षा बलों द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को तोड़कर आगे बढ़ना और तैनात पुलिस कर्मियों को सरकारी दायित्वों के निर्वहन से रोकना।
  • बिना अनुमति संवेदनशील परिसर में प्रवेश: विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन और आसपास के प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने का आरोप।
  • निषेधाज्ञा (Section 144) का उल्लंघन: नई दिल्ली क्षेत्र में लागू सुरक्षा प्रोटोकॉल और निषेधाज्ञा का पालन न करना।

कांग्रेस और INDIA गठबंधन का कड़ा रुख: 'हम डरने वाले नहीं'

एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आपात बैठक बुलाते हुए कहा:

"जब जनता के वोट का अधिकार छीना जा रहा हो और चुनाव आयोग के मुखिया सवालों के घेरे में हों, तो शांतिपूर्ण विरोध करना हमारा संवैधानिक हक है। मुकदमों और पुलिस की धमकियों से विपक्ष की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।"

विपक्षी सांसदों ने संसद भवन और पार्टी मुख्यालय में लंच पर रणनीतिक बैठकें आयोजित की हैं, जिसमें इस पूरे मामले को जनता के बीच ले जाने और देशव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया गया है।

विवाद की जड़: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर क्या हैं आरोप?

इस पूरे हंगामे की शुरुआत चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) से हुई है। विपक्ष का आरोप है कि:

  1. चुनावी राज्यों में लाखों मतदाताओं के नाम बिना उचित सत्यापन के हटाए जा रहे हैं।
  2. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अन्य चुनाव आयुक्तों की राय के बिना एकतरफा फैसले ले रहे हैं।
  3. सुप्रीम कोर्ट में भी यह मामला लंबित है, जहां अदालत ने ज्ञानेश कुमार के निलंबन से इनकार करते हुए चुनाव आयोग को औपचारिक नोटिस थमा दिया है।

मुख्य तथ्य एक नज़र में (Key Highlights)

तथ्य / विवरण स्थिति
नामित व्यक्ति राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा व अन्य कांग्रेस नेता
कार्रवाई करने वाली एजेंसी दिल्ली पुलिस (संसद मार्ग थाना)
मूल विवाद का कारण CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा व वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ी
सुप्रीम कोर्ट का रुख चुनाव आयोग को नोटिस जारी, जवाब तलब
सुरक्षा स्थिति ज्ञानेश कुमार के आवास व निर्वाचन सदन पर भारी CISF बल तैनात

राजधानी में राजनीतिक तापमान चरम पर पहुंच चुका है। आने वाले 24 घंटों में इस मामले पर संसद से लेकर सड़कों तक और बड़े राजनीतिक प्रदर्शन देखने को मिल सकते हैं।